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शुक्रवार, 22 अप्रैल 2022

भगवद्गीता का विभिन्न अनुवादकों पर प्रभाव

जिस आदमी ने श्रीमदभगवद गीता का पहला उर्दू अनुवाद किया वो था मोहम्मद मेहरुल्लाह! बाद में उसने सनातन धर्म अपना लिया! पहला व्यक्ति जिसने श्रीमदभागवद गीता का अरबी अनुवाद किया वो एक फिलिस्तीनी था अल फतेह कमांडो नाम का! जिसने बाद में जर्मनी में इस्कॉन जॉइन किया और अब हिंदुत्व में है! पहला व्यक्ति जिसने इंग्लिश अनुवाद किया उसका नाम चार्ल्स विलिक्नोस था! उसने भी बाद में हिन्दू धर्म अपना लिया उसका तो ये तक कहना था कि दुनिया मे केवल हिंदुत्व बचेगा! हिब्रू में अनुवाद करने वाला व्यक्ति Bezashition le fanah नाम का इसरायली था जिसने भारत आकर बाद में हिंदुत्व अपना लिया था पहला व्यक्ति जिसने रूसी भाषा मे अनुवाद किया उसका नाम था नोविकोव जो बाद में भगवान कृष्ण का भक्त बन गया था! आज तक 283 बुद्धिमानों ने श्रीमद भगवद गीता का अनुवाद किया है अलग अलग भाषाओं में जिनमें से 58 बंगाली, 44 अंग्रेजी, 12 जर्मन, 4 रूसी, 4 फ्रेंच, 13 स्पेनिश, 5 अरबी, 3 उर्दू और अन्य कई भाषाएं थी ओर इन सब मे दिलचस्प बात यह है कि इन सभी ने बाद मैं हिन्दू धर्म को अपना लिया था। जिस व्यक्ति ने कुरान को बंगाली में अनुवाद किया उसका नाम गिरीश चंद्र सेन था! लेकिन वो इस्लाम मे नहीं गया शायद इसलिए कि वो इस अनुवाद करने से पहले श्रीमद भागवद गीता को भी पढ़ चुके थे ! "श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में- ॐ . किसको किसने सुनाई? उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई। ॐ . कब सुनाई? उ.- आज से लगभग 5110 साल पहले सुनाई। ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई? उ.- रविवार के दिन। ॐ. कोनसी तिथि को? उ.- एकादशी ॐ. कहा सुनाई? उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में। ॐ. कितनी देर में सुनाई? उ.- लगभग 45 मिनट में ॐ. क्यू सुनाई? उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए। ॐ. कितने अध्याय है? उ.- कुल 18 अध्याय ॐ. कितने श्लोक है? उ.- 700 श्लोक ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है? उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है। ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा और किन किन लोगो ने सुना? उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था? उ.- भगवान सूर्यदेव को ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है? उ.- उपनिषदों में ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....? उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है। ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है? उ.- गीतोपनिषद ॐ. गीता का सार क्या है? उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है? उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574 अर्जुन ने- 84 धृतराष्ट्र ने- 1 संजय ने- 41 अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेअर करे। धन्यवाद अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है। 33 करोड नहीँ 33 कोटी देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मेँ। कोटि = प्रकार। देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है, कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता। हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं... कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :- 12 प्रकार हैँ आदित्य , धाता, मित, आर्यमा, शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष, सविता, तवास्था, और विष्णु...! 8 प्रकार हे :- वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष। 11 प्रकार है :- रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक, अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी, रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली। एवँ दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार। कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी

गुरुवार, 21 अप्रैल 2022

सिंध इतिहास (489 ई० से 632 ई०)

सिंध पाकिस्तान ( भारत) Sindh

 489 ईस्वी से 632 ईस्वी तक सिंध पर नास्तिक साम्राज्य का शासन था .... गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद यहां नास्तिको ने कब्जा कर लिया था ।। 


लेकिन हिन्दुओ की भी बड़ी जनसंख्या सिंध में होने उनकी की भी सत्ता में पूर्ण भागीदारी थी ... राजा अगर नास्तिक था, तो उसका सेनापति ब्राह्मण था ।। जिसका नाम था चच 


632 ईस्वी में इस क्षेत्र के आसपास जब इस्लाम का प्रभाव बढ़ा, उसी समय वहां के ब्राह्मण सेनापति चच ने तख्ता पलट दिया, और सिंध में 143 वर्ष बाद पुनः हिन्दुओ का साम्राज्य स्थापित हो गया .....


हिन्दुओ के सत्ता में आते ही इस क्षेत्र को हड़पने के लिए इस्लामिक शक्तियों और हिन्दुओ में संघर्ष शुरू हो गया, और खलीफाओं के एक के बाद एक आक्रमण सिंध में होने लगे ....


80 वर्ष तक यहां हिन्दुओ का शासन रहा, लेकिन इन 80 वर्ष में , सिंध के बड़े बड़े क्षेत्र, सिंध से अलग हो गए, जैसे बलूचिस्तान , आज जो बलूचिस्तान पाकिस्तान की मार खा रहा है, यह खुद ही कभी हिन्दुओ से लड़कर अलग हुआ था । इन्हें भी पहले G'हाद का कीड़ा बहुत  बुरी तरीके से काटा था ।।


चच का बेटा था दाहिर ।। 712 ईस्वी में जब राजा दाहिर सत्ता में था, तब पूरे सेंट्रल एशिया ओर अरब के मुसलमानो ने राजा दाहिर पर आक्रमण कर दिया ।। सिंध की पूरी जनसंख्या से अधिक, मुहम्मद बिन कासिम के सैनिक थे ।। उल्टे उसे सिंध में भी बहुत सैनिक मिल गए, जो चच साम्राज्य और दाहिर से नाराज थे ।। जब अंदर ओर बाहर के शत्रू एक हो जाएं, तो क्या वह राज्य फिर बचेगा ?? 



सिंध 712 ईस्वी में ही हिन्दुओ के हाथ से निकल गया था , जो आजतक वापस नही आ पाया है ।। 


चित्रों के माध्यम से हमारे साथ आप भी सिंध देख लीजिए

 

























शुक्रवार, 27 जुलाई 2018

mahamirtunjay mantra





महामिरतुन्जय मंत्र महा मंत्र है इसके द्वारा हम भगवान शिव की  आराधना करते हैं इसे संजीविनी मंत्र भी कहते हैं ये अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है इसके उच्चारण से उत्त्पन हुइ ध्वनि के कम्पन से शरीर के चारो ओर दैविक शक्ति का सुरक्षा कवच निर्मित होता है इस मंत्र के नियमित श्रमण या उच्चारण मात्र से अमंगल ,दुर्घटना ,दुर्भाग्य, विप्पतियाँ मानव मात्र से कोसो दूर रहती है ये जीवन में सुख - शांति समृद्धि लाता है हम त्रिनेत्र धारी भगवान शिव की  आराधना करते हैं

नाम जप किस प्रकार होना चाहिए ।

प्रश्न . नाम किस प्रकार जप होना चाहिए ? जिससे हमे लाभ हो ? उत्तर:– सबसे पहले नाम जप जैसे भी हो लाभ होता ही है ... फिर भी आप जानने के इक्ष...