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शुक्रवार, 26 मई 2023
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जब मैं स्तुति करता हूं।
मंगलवार, 4 अप्रैल 2023
संक्षिप्त महाभारत
शनिवार, 1 अप्रैल 2023
शुक्रवार, 31 मार्च 2023
धन के लिए कृतज्ञता – अभ्यास 7
यदि आपके जीवन में धन की कमी है, तो यह बात अच्छी तरह गाँठ बाँध लें कि धन को लेकर चिंतित, ईर्ष्यालु, निराश, हताश, शंकालु या भयभीत होने से आपके पास कभी अधिक धन नहीं आएगा, क्योंकि ये भावनाएँ इस बात से उत्पन्न होती हैं कि आप अपने पास मौजूद धन के लिए कृतज्ञ नहीं हैं। धन को लेकर शिकवा-शिकायत करना, विवाद करना, कुंठित होना, किसी चीज़ की कीमत के बारे में आलोचना करना या पैसे के बारे में किसी दूसरे को बुरा महसूस कराना कृतज्ञता के काम नहीं हैं। इससे आपका आर्थिक जीवन कभी बेहतर नहीं होगा, बल्कि बदतर होता जाएगा।
चाहे आपकी वर्तमान स्थिति कैसी भी हो, यह सोचना कि आपके पास पर्याप्त धन नहीं है, अपने पास मौजूद धन के बारे में कृतघ्न होना है। अपने जीवन में धन को चमत्कारिक ढंग से बढ़ाने के लिए आपको अपनी वर्तमान स्थिति को दिमाग से बाहर निकालना होगा और जो भी पैसा आपके पास है, उसके प्रति कृतज्ञता महसूस करनी होगी।
"जिसके भी पास कृतज्ञता (धन के लिए) है, उसे अधिक दिया जाएगा और वह समृद्ध होगा। जिसके भी पास कृतज्ञता (धन के लिए) नहीं है, उसके पास जो है, वह सब भी उससे ले लिया जाएगा।"
जब आपके पास बहुत कम पैसा हो, तो उसे लेकर कृतज्ञता महसूस करना किसी के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन यदि आपको यह बात पता हो कि जब तक आप कृतज्ञ नहीं होंगे, तब तक कुछ भी नहीं बदलेगा, तो आप यह काम करने के लिए प्रेरित हो जाएँगे।
धन का विषय कई लोगों के लिए पेचीदा हो सकता है, खास तौर पर तब, जब उनके पास यह पर्याप्त न हो, इसलिए रहस्यमय धन के अभ्यास के दो क़दम हैं। यह महत्वपूर्ण है कि आप दिन के शुरू में ही चमत्कारिक धन का पूरा अभ्यास पढ़ लें, क्योंकि तब आप धन के अभ्यास को दिन भर जारी रख पाएँगे।
बैठकर कुछ मिनट अपने बचपन के बारे में सोचें, जब आपके पास पैसा या तो था ही नहीं
फिर बहुत कम था। जब आप हर याद को ताज़ा करते हैं, जब आपके लिए पैसे का भुगतान किया गया था, तो शाक्तिशाली शब्द धन्यवाद कहें और पूरे ह्रदय से महसूस करें। क्या आपके पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन था ?
क्या आप किसी मकान में रहते थे?
क्या आपको कई सालों तक शिक्षा मिली थी?
आप हर दिन स्कूल कैसे जाते थे? क्या आपके पास स्कूल की पुस्तकें, लंच और अन्य सभी आवश्यक चीजें थीं? बचपन में क्या आप कभी छुट्टियाँ मनाने किसी हिल स्टेशन या समुद्र तट पर गए थे?
बचपन में आपको जन्मदिन के सबसे रोमांचक उपहार कौन से मिले थे? क्या आपके पास साइकल, खिलौने या पालतू जानवर थे?
क्या आपके पास कपड़े थे, जब आपका क़द तेज़ी से बढ़ जाता था और कपड़े छोटे हो जाते थे?
क्या आप कोई फ़िल्म या मैच देखने गए थे, कोई वाद्ययंत्र सीखने गए थे या आपने अपने किसी शौक को पूरा किया था?
क्या आप स्वास्थ्य ठीक न होने पर कभी डॉक्टर के पास गए थे और दवाएँ ली थीं?
क्या आप दंतचिकित्सक के पास गए थे?
क्या आपके पास अनिवार्य सामान थे, जिनका इस्तेमाल आप हर दिन करते थे, जैसे आपका टूथब्रश, टूथपेस्ट, साबुन और शैम्पू ? क्या आप कार में यात्रा करते थे? क्या आप टेलीविज़न देखते थे, फ़ोन करते थे, बिजली और पानी का इस्तेमाल करते थे?
इन सारी चीज़ों के लिए धन की ज़रूरत थी और आपको ये सब मुफ़्त मिली थीं। बचपन और किशोरावस्था के दिनों को याद करने पर आपको अहसास होगा कि आपको कितनी सारी चीजें मिली थीं, जो मेहनत से कमाए गए पैसे से खरीदी गई थीं। हर उदाहरण और याद के लिए कृतज्ञ हों, क्योंकि जब आप अतीत में मिले धन के लिए सच्ची कृतज्ञता महसूस करते हैं, तो भविष्य में आपका धन रहस्यमय तरीके से बढ़ेगा! कृतज्ञता का नियम इसकी गारंटी देता है।
चमत्कारिक धन के अभ्यास को जारी रखने के लिए एक 10 रूपए या किसी भी संख्या का नोट लें और उस पर एक स्टिकर चिपका दें। स्टिकर पर यह लिखें :
उस सारे धन के लिए भगवान कृष्ण(विष्णु जी) और माता राधा जी(माता लक्ष्मी जी) को धन्यवाद, जो मुझे जीवन भर दिया गया है। जिसके कारण मेरे कई सारे काम आसान हो गए।
इसे वाक्य को कम से कम तीन बार लिखें और गहराई से माता लक्ष्मी (माता राधा जी) और भगवान विष्णु जी (भगवान कृष्ण)के प्रति कृतज्ञता (एहसानमंद) महसूस करे।
आज ही इस रहस्यमय नोट को अपने पर्स या जेब में रख लें। कम से कम एक बार सुबह और एक बार दोपहर में या जितनी अधिक बार आप चाहें, इस नोट को बाहर निकालें और अपने हाथों में थामें अपने लिखे हुए शब्द पढ़ें और जीवन में मिली आर्थिक समृद्धि के लिए सचमुच कृतज्ञ हों। आप जितने ज्यादा ईमानदार होते हैं और इसे जितना अधिक महसूस करते हैं, आपको अपनी आर्थिक परिस्थितियों में उतना ही तीव्र चमत्कारिक परिवर्तन नज़र आएगा।
आप समय से पहले कभी नहीं जान पाएँगे कि आपका धन कैसे बढ़ेगा, लेकिन संभावना इस बात की है कि आप इस दौरान अधिक धन पाने के लिए कई परिस्थितियों में भारी बदलाव देखेंगे। आप वह धन पा सकते हैं, जिसके बारे में आपको अहसास ही नहीं था कि वह आपका था। आपको अप्रत्याशित नकद राशि या चेक मिल सकते हैं। आपको कोई चीज़ डिस्काउंट, रिबेट या कम लागत में मिल सकती है आपको सभी प्रकार की भौतिक चीजें उपहार में मिल सकती हैं, जिन्हें खरीदने में आपका पैसा खर्च होता।
आज के बाद अपना रहस्यमय नोट किसी ऐसे स्थान पर रखें, जहाँ उस पर हर दिन आपकी नज़र पड़े, ताकि आपको जीवन में मिली आर्थिक समृद्धि के लिए कृतज्ञ होने की याद आती रहे। यह कभी न भूलें कि आप जितनी अधिक बार इस रहस्यमय नोट की ओर देखते हैं और मिलने वाले धन के लिए कृतज्ञता महसूस करते हैं, आप अपने आर्थिक जीवन में उतने ही अधिक चमत्कार को सक्रिय कर देते हैं। धन के लिए कृतज्ञता की प्रचुरता का अर्थ है धन की प्रचुरता !
यदि आप खुद को ऐसी स्थिति में पाते हैं, जहाँ आप धन संबंधी किसी चीज़ के बारे में शिकायत करने वाले हैं, चाहे यह शब्दों में हो या विचारों में, तो स्वयं से पूछें “क्या मैं इस शिकायत की कीमत चुकाना चाहता हूँ?" यह सवाल आपको इसलिए पूछना चाहिए, क्योंकि आपकी एक शिकायत भी धन के प्रवाह को धीमा कर देगी या आपके पास आने से रोक देगी।
आज ही खुद से वादा करें कि जब भी आपको कहीं से पैसा मिलेगा, चाहे यह नौकरी की तनख्वाह हो, टैक्स रिफंड या डिस्काउंट हो या किसी से उपहार में मिली चीज़ हो, जिसे खरीदने में पैसा खर्च होता, तो आप उसके लिए वाक़ई कृतज्ञ होंगे। इनमें से हर परिस्थिति का अर्थ है कि आपको धन मिला है और ऐसा हर प्रसंग आपको यह अवसर देता है कि आप हाल में मिले धन के लिए कृतज्ञ बनकर अपने धन को बढ़ाने और कई गुना करने की कृतज्ञता की रहस्यमय शक्ति का इस्तेमाल करें!
1. अपनी नियामतें गिनें दस नियामतों की सूची बनाएँ और एक से तीन तक के क़दम दोहराएँ लिखें कि आप क्यों कृतज्ञ हैं। अपनी सूची दोबारा पढ़ें और हर नियामत के अंत में कहें धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद। उस नियामत के लिए ज़्यादा से ज़्यादा कृतज्ञता महसूस करें।
2. बैठकर कुछ मिनट तक अपने बचपन के बारे में सोचें कि आपको कितनी सारी चीजें बिना पैसे चुकाए ही मिल गई थीं।
3. जब आप हर याद को ताज़ा करते हैं, जहाँ आपके लिए पैसे का भुगतान किया गया था, तो तहेदिल से शाक्तिशाली शब्द धन्यवाद कहें और महसूस करें।
4. एक 10 रूपए या किसी भी संख्या का नोट लें और नोट पर एक स्टिकर चिपका दें। स्टिकर पर लिखें : उस सारे धन के लिए माता राधेकृष्ण जी को धन्यवाद, जो मुझे जीवन भर दिया गया है।
5. अपने रहस्यमय नोट को अपने साथ रखें और कम से कम एक बार सुबह तथा एक बार दोपहर में या जितनी अधिक बार आप चाहें, उस नोट को बाहर निकालें और अपने हाथ में थामें अपने लिखे शब्द पढ़ें और जीवन में मिली आर्थिक समृद्धि के लिए सचमुच कृतज्ञ होइए।
*6. आज के बाद अपना नोट किसी ऐसे स्थान पर रखें, जहाँ यह आपको हर दिन दिखता रहे, ताकि आपको अपने जीवन में मिली आर्थिक समृद्धि के लिए कृतज्ञ होने की याद रहे।*
*7. आज रात सोने से ठीक पहले अपने चाहे गए भगवान के रूपो की फ़ोटो एक हाथ में थामें और दिन भर में हुई सबसे अच्छी चीज़ के लिए शाक्तिशाली शब्द धन्यवाद नमस्कार या नमस्ते कहें।*
शनिवार, 15 अक्टूबर 2022
पुत्र राहुल को बुद्ध क्यों मानते थे अपने रास्ते का कांटा ?
मंगलवार, 11 अक्टूबर 2022
संबंध के लिए कृतज्ञता
*संबंध के लिए कृतज्ञता अभ्यास 6*
कल्पना करें कि आप इस पृथ्वी पर रहने वाले एकमात्र व्यक्ति हैं। ऐसे में आपके मन में कोई चीज़ करने की कोई इच्छा ही नहीं होगी। कोई पेंटिंग बनाने में क्या तुक है, अगर उसे कोई भी न देख सके ? किसी भी तरह के संगीत का सृजन करने में क्या तुक है, अगर कोई भी उसे न सुन सके? किसी भी चीज़ का आविष्कार करने में क्या तुक है, अगर कोई भी उसका इस्तेमाल न कर सके? एक जगह से दूसरी जगह तक जाने का कोई कारण नहीं होगा, क्योंकि आप जिस भी नई जगह जाएँगे, वह पुरानी जगह जैसी ही होगी यानी वहाँ कोई नहीं होगा। आपके जीवन में कोई खुशी या आनंद नहीं होगा।
दूसरे लोगों के साथ संपर्क और अनुभवों से आपको जीवन में ख़ुशी, अर्थ व उद्देश्य मिलता है।
इसी वजह से आपके संबंध आपके जीवन पर किसी भी अन्य चीज़ से ज़्यादा असर डालते हैं। अपने सपनों के जीवन को साकार करने के लिए यह समझना अनिवार्य है कि आपके संबंध इस वक़्त आपके जीवन पर कैसा असर डाल रहे हैं और वे कैसे कृतज्ञता के सबसे शक्तिशाली साधन बन सकते हैं तथा आपके जीवन को जादुई ढंग से बदल सकते हैं। विज्ञान अब अतीत के महान मनीषियों के ज्ञान की पुष्टि कर रहा है। शोध अध्ययन दर्शा रहे हैं कि जो लोग कृतज्ञता का अभ्यास करते हैं, वे दूसरों के अधिक निकट होते हैं, परिवार तथा मित्रों से अधिक जुड़े होते हैं और दूसरे लोगों के मन में उनकी बेहतर छवि होती है। लेकिन शोध अध्ययनों में सामने आने वाला संभवतः सबसे आश्चर्यजनक आँकड़ा यह है कि किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में प्रत्येक शिकायत, चाहे वह वैचारिक हो या शाब्दिक के साथ-साथ उसके बारे में दस नियामतें भी महसूस होनी चाहिए, तभी संबंध समृद्ध हो सकता हैं। हर शिकायत के बदले अगर नियामतों की संख्या दस से कम है, तो संबंध का ह्रास होने लगेगा और यदि यह वैवाहिक संबंध है, तो तलाक की नौबत भी आ सकती है।
कृतज्ञता से संबंध समृद्ध होते हैं। जब आप किसी संबंध के लिए अपनी कृतज्ञता बढ़ाते हैं, तो चाटाकारिक ढंग से आप उसमें ख़ुशी और अच्छी चीजों की प्रचुरता पाएँगे। ध्यान रहे, संबंधों के प्रति कृतज्ञता केवल आपके संबंधों को ही नहीं बदलती है; यह आपको भी बदल देती है। आपका स्वभाव इस वक़्त चाहे जैसा हो, कृतज्ञता आपको अधिक धैर्य, समझ, करुणा और दयालुता प्रदान करेगी और एक वक़्त ऐसा आएगा, जब आप खुद को पहचान भी नहीं पाएँगे। छोटी छोटी बातों पर जो चिढ़ आपने कभी महसूस की थी, वह ग़ायब हो जाएगी। संबंधों को लेकर आपके मन में जो शिकायतें थीं, वे ओझल हो जाएँगी। ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि जब आप किसी दूसरे व्यक्ति के लिए सचमुच कृतज्ञ होते हैं, तो आपके मन में उसकी किसी चीज़ में बदलाव करने की इच्छा नहीं होती। आप उसकी आलोचना नहीं करेंगे, उसके बारे में शिकायत नहीं करेंगे और उसे दोष नहीं देंगे, क्योंकि आप तो उसके अच्छे गुणों के बारे में कृतज्ञता महसूस करने में व्यस्त होंगे। दरअसल, आप उन चीज़ों को देख ही नहीं पाएँगे, जिनके बारे में आप
अक्सर शिकायत किया करते थे।
"हमें केवल उन्हीं पलों में जीवित कहा जा सकता है, जब हमारा हृदय हमारे खजानों के बारे में चेतन होता है।"
थॉर्नटन वाइल्डर (1897-1975) लेखक और नाटककार
शब्द बहुत शक्तिशाली होते हैं, इसलिए जब भी आप किसी व्यक्ति के बारे में शिकायत करते हैं, तो आप दरअसल अपने ही जीवन को नुक़सान पहुँचा रहे होते हैं। यह आपका ही जीवन है, जिसमें परेशानी आएगी। वैज्ञानिक के नियम के अनुसार आप किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में जो भी सोचते या कहते हैं, उसे अपने स्वयं के जीवन में ले आते हैं। यही वजह है कि संसार के महानतम लोगों और शिक्षकों ने हमें कृतज्ञ होने की सलाह दी है। वे जानते थे कि आपको अधिकतम तभी मिल सकता है, आपके जीवन में अच्छी प्रगति तभी हो सकती है, जब आप दूसरों के लिए उतने ही कृतज्ञ हों, जितने कि वे स्वयं हैं। यदि आपका हर क़रीबी व्यक्ति आपसे कहे, "मैं आपसे प्रेम करता हूँ आपके वर्तमान स्वरूप से, जैसे भी आप हैं उससे," तब आप कैसा महसूस करेंगे?
किसी की शिकयत करने से उसके अवगुण हमारे भीतर आ जाते है इसलिए हमें भगवान के गुणों की चर्चा ही सुनने चहिए सोचना चहिए या वर्णन करना चाहीए।
– श्रीमद्भागवत महापुराण
आज का शक्तिशाली अभ्यास लोगों के वर्तमान स्वरूप के लिए कृतज्ञ होना है! फ़िलहाल भले ही आपके सभी संबंध अच्छे हों, लेकिन इस अभ्यास के बाद वे कहीं अधिक मधुर हो जाएँगे और जब आप कृतज्ञ होने के लिए हर व्यक्ति में अच्छी चीजें खोजते हैं, तो उसके बाद आप कृतज्ञता को अचूक सफल होते देखेंगे तब आपके संबंध इतने अधिक मजबूत, इतने अधिक संतुष्टिदायक और इतने अधिक समृद्ध हो जाएँगे, जितना आपने कभी सोचा भी नहीं था। कृतज्ञ होने के लिए अपने तीन सबसे करीबी संबंधों को चुनें। आप अपनी पत्नी, बेटे और पिता को चुन सकते हैं या फिर अपने कारोबारी साझेदार और बहन को चुन सकते हैं। आप अपने सबसे अच्छे मित्र, दादी और चाचा को चुन सकते हैं। आप कोई भी तीन संबंध चुन सकते हैं, जिन्हें आप महत्वपूर्ण मानते हैं। बस ज़रूरी यह है कि आपके पास हर संबंधित व्यक्ति की तस्वीर हो वह तस्वीर अकेले उस व्यक्ति की भी हो सकती है या उसमें आप भी उस व्यक्ति के साथ मौजूद हो सकते हैं।
एक बार जब आप अपने तीन संबंध और तस्वीर चुन लेते हैं, तो आप जादू को गति देने के लिए तैयार हो जाते हैं। सुकून से बैठकर उन चीज़ों के बारे में सोचें, जिनके लिए आप हर व्यक्ति के प्रति सबसे अधिक कृतज्ञ हैं। उस व्यक्ति में ऐसी कौन सी खूबियाँ हैं, जिनसे आप सर्वाधिक प्रेम करते हैं? उसके सर्वश्रेष्ठ गुण कौन से हैं? आप उसके धैर्य, सुनने की योग्यता, काबिलियत, शक्ति, विवेक, बुद्धिमानी, हँसी, हास्यबोध, आँखों, मुस्कान या दयालु हृदय के लिए कृतज्ञ हो सकते हैं। आप उन चीज़ों के लिए कृतज्ञ हो सकते हैं, जिन्हें उस व्यक्ति के साथ करने में आपको सबसे अधिक आनंद आता है या आप वह समय याद कर सकते हैं, जब उस व्यक्ति ने आपका साथ दिया, आपकी परवाह की या आपको सहारा दिया। उस व्यक्ति के बारे में किन चीज़ों के लिए आप कृतज्ञ हैं, इस बारे में कुछ देर सोचें। इसके बाद उसकी तस्वीर अपने सामने रखें और पेन-नोटबुक लेकर या कंप्यूटर के सामने बैठकर उसकी पाँच खूबियाँ चुनें, जिनके लिए आप सर्वाधिक कृतज्ञ हैं। जब आप पाँच खूबियों की सूची बनाएँ, तो उस व्यक्ति की तस्वीर की ओर देखें। हर वाक्य को जादुई शब्दों धन्यवाद से शुरू करते हुए उसका नाम लिखें। साथ ही यह भी लिखें कि आप किस चीज़ के लिए कृतज्ञ हैं। धन्यवाद, उसका नाम क्योंकि क्या ?
मिसाल के तौर पर, "धन्यवाद, गोविन्द, क्योंकि आप मुझे हमेशा हँसाते हो।" या, "धन्यवाद, मेरी मां, क्योंकि आपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने में मेरी मदद की।"
जब आप तीनों लोगों की सूचियाँ बना लें, तो इस जादुई अभ्यास को जारी रखते हुए उनकी तस्वीरें किसी ऐसी जगह रख दें, जहाँ आप उन्हें अक्सर देख सकें। आज जब भी आप उनकी तस्वीरें देखें, उस व्यक्ति को धन्यवाद देते हुए जादुई शब्द धन्यवाद कहें और फिर उस व्यक्ति का नाम लें:
धन्यवाद, माधव ।
यदि आप ज्यादा समय घर से बाहर रहते हैं, तो उन तस्वीरों को अपने बैग या जेब में साथ ले जाएँ और दिन में तीन बार इसी तरीके का इस्तेमाल करते हुए उन्हें देखने की कोशिश करें।
अब आप जान चुके हैं कि अपने संबंधों को अच्छे और मजबूत बनाने के लिए आपको कृतज्ञता की शक्ति का इस्तेमाल किस तरह करना है। यदि आप अपने हर संबंध को शानदार बनाना चाहें, तो इस अद्भुत अभ्यास का प्रयोग प्रत्येक दिन कर सकते हैं। आप इसका प्रयोग एक ही संबंध पर जितनी बार चाहें, कर सकते हैं। आप अपने संबंधों में अच्छी चीज़ों के लिए जितने अधिक कृतज्ञ होंगे, आपके जीवन का हर संबंध उतनी ही चमत्कारिक और तीव्र गति से बदल जाएगा।
1. अपनी नियामतें गिनें दस नियामतों की सूची बनाएँ। लिखें कि आप क्यों कृतज्ञ हैं। अपनी सूची को दोबारा पढ़ें और हर नियामत के अंत में कहें धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद और उस नियामत के लिए ज़्यादा से ज़्यादा कृतज्ञता महसूस करें।
2. अपने तीन सबसे करीबी संबंधों को चुनें और हर व्यक्ति की एक तस्वीर भी चुन लें। 3. तस्वीर को अपने सामने रखते हुए अपने जर्नल में या कंप्यूटर पर पाँच बातें लिखें, जिनके लिए आप उस व्यक्ति के प्रति सबसे अधिक कृतज्ञ हैं।
4. हर वाक्य को शक्ती शाली शब्द धन्यवाद से शुरू करें, फिर उसका नाम लिखें और यह भी कि आप निश्चित रूप से किस ख़ासियत या ख़ूबी के लिए कृतज्ञ हैं।
*5. आज ही तीन तस्वीरें अपने साथ या किसी ऐसी जगह पर रखें, जहाँ आप उन्हें अक्सर देख सकते हों उन तस्वीरों को दिन में कम से कम तीन बार देखें, तस्वीर में व्यक्ति की ओर देखते हुए बोलें और उसे धन्यवाद देते हुए जादुई शब्द धन्यवाद कहें और इसके बाद उसका नाम लें। धन्यवाद, मोहन ।*
*6. आज रात सोने जाने से पहले अपने चाहे गए भगवान की फ़ोटो एक हाथ में लें और दिन भर में हुई सबसे अच्छी चीज़ के लिए उन्हें धन्यवाद कहें।*
हमें सुख - दुःख, शांति - अशांति, धन दौलत क्यों मिलता हैं?2
शंका का त्याग क्यों आवश्यक हैं ?
चिन्तन का विषय:– चिन्तन करे और अपने सपने को पूरा करे ।
विचार की शक्ति जिससे बदल सकती है आपकी जिंदगी
नाम जप किस प्रकार होना चाहिए ।
प्रश्न . नाम किस प्रकार जप होना चाहिए ? जिससे हमे लाभ हो ? उत्तर:– सबसे पहले नाम जप जैसे भी हो लाभ होता ही है ... फिर भी आप जानने के इक्ष...








